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7 best yoga asanas for the healthy liver that detoxify your liver
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7 best yoga asanas for the healthy liver that detoxify your liver

  1. त्वचा औ े फाद लीवय (मऔ ृ त) शयीय औा सफसे फडा अंख है ओय आऩऔ े शयीय औ े द्वायऩाल औ े रूऩ भें औामय औयता है। वह सफ औ ु छ जॊ शयीय भें हॊता है ओय ऩचता है जॊ लीवय (मऔ ृ त) औ े भाध्यभ से जाता है जॊ हभाये जैववऔ औचये औॊ संबालने औ े ललए ववऔलसत हॊता है। इसऔ े आऔाय औ े औायण , लीवय (मऔ ृ त) जॊ दॊ फरृत फडी यक्त वाहहऔाऒं से जुडा हॊता है , जॊ बी आंत्र ऩथ औ े भाध्यभ से प्रवेश औयता है , ओय अवांछछत वस्तुऒं औॊ फाहय यकता है। इसभें ववषाक्त ऩदाथय मा ऩमायवयण औालसिनॊजन शाछभल हैं। इन 'कयाफ' ऩदाथों औॊ यक्तप्रवाह भें जाने से यॊऔा जाता है। मऔ ृ त औॊ स्वस्थ यकने ओय औ ु शलता से चलाने भें मॊख भहत्वऩूणय बूछभऔा छनबा सऔता है। ववलशष्ट मॊख आसन आऩऔ े लीवय (मऔ ृ त) औॊ उत्तेलजत औयने औ े ललए जाने जाते हैं ; मे लॊऔ े स्ट ऩॊज़ , फ्रॉख ऩॊज़, डाउनवडय डॉख , खायलैंड ऩॊज़ आहद हैं। इन आसनों औा अभ्यास औयऔ े ओय एऔ स्वस्थ जीवन शैली औ े साथ व्यामाभ औा संमॊजन औयऔ े आऩ अऩने लसस्टभ औ े इस भहत्वऩूणय अंख भें स्वास्थ्य ओय जीवन शछक्त ला सऔते हैं। स्वस्थ यहने औ े ललए छनमछभत रूऩ से इन 7 ऩॊज़ औा अभ्यास औयें ओय अऩने लीवय औॊ सुचारू रूऩ से औामय औयते यहें। 1. कपालभाति प्राणायाम औऩालबाती प्राणामाभ एऔ शछक्तशाली सााँस लेने औा व्यामाभ है जॊ न औ े वल लीवय (मऔ ृ त) औॊ साप औयता है फल्कि शयीय औ े बीतय सही संतुलन हालसल औयने भें बी भदद औयता है। औऩालबाती शब्द औा शाब्दब्दऔ अथय है 'चभऔता रृआ भाथा'। इस आसन औ े छनमछभत अभ्यास से चेहये भें चभऔ ऩैदा हॊती है। औऩालबाती प्राणामाभ भें सभतल , लचऔनी सतह ऩय क्रॉस लेग्ड फैठना शाछभल है। एऔ खहयी सााँस लेनी चाहहए ओय नाऔ औ े भाध्यभ से जॊय से सााँस छॊडनी चाहहए। ववशेष रूऩ से ध्यान सााँस छॊडने वाले हहस्से ऩय हॊना चाहहए। लीवय (मऔ ृ त) स्वास्थ्य औॊ भजफूत औयने औ े ललए 15 छभनट औ े ललए हय हदन इस आसन औॊ औयने औी लसपारयश औी जाती है। कपालभाति प्राणायाम ककसे नहीं करना चाहहए • प्रेग्नेंट ओयत • हछनिमा से ऩीहडत लॊख
  2. • हृदम यॊख से ऩीहडत लॊख 2. अर्ध मत्स्येन्द्रासन (हाफ स्पाइनल ट्विस्ट पोज़) इसे 'लॉडय ऑप द हपश ऩॊज़ ' औ े रूऩ भें बी जाना जाता है , अधय भत्स्येन्द्रासन एऔ मॊख आसन है जॊ ठीऔ से वऔए जाने ऩय तनाव, एऩॊप्टॊलसस, पाइब्रॊलसस ओय सूजन से क्षततग्रस्त लीवय (मऔ ृ त) औॊ उत्तेलजत ओय भजफूत औयता है। अधय भत्स्येन्द्रासन, दाहहने ऩैय औ े ऊऩय फाएं ऩैय औॊ ऩाय औयऔ े , फैठे-फैठे वऔमा जाता है। गुटनों औॊ सतह से ऊऩय उठामा जाना चाहहए , ऊऩय औी ऒय इशाया औयते रृए। हपय दाहहने हाथ औॊ फाएं ऩैय ऩय ले जामा जाना चाहहए , फाएं हाथ औॊ ऩऔडे रृए। अर्ध मत्स्येन्द्रासन ककसे नहीं करना चाहहए • ऩेट भें भजफूत भॊड औ े औायण खबयवती ओय भालसऔ धभय भहहलाऒं। • ऩॊस्ट-हाटय, ऩेट, मा भस्तस्तष्क सजययी वाले लॊख। • स्लिप्ड हडस्क मा यीढ़ औी खंबीय सभस्या वाले लॊख। 3. गोमुखासन (काऊ फ े स पोज़) खॊभुकासन मा खाम ऩॊज़ लीवय (मऔ ृ त) लसयॊलसस से ऩीहडत लॊखों औ े ललए सफसे अच्छे मॊख आसनों भें से एऔ है। मह व्यामाभ लीवय (मऔ ृ त) औॊ सवक्रम औयता है , लजससे ऑक्सीजन ओय यक्त स्वतंत्र रूऩ से फहता है जॊ शयीय से ववषाक्त ऩदाथों औॊ तेजी से हटाने औा सभथयन औयता है। खॊभुकासन एऔ ऩैय औ े दूसये बाख औ े साथ सतह ऩय फैठऔय वऔमा जाता है , लजससे यीढ़ औी हड्डी भें खकिंचाव हॊता है। हाथ ऩीठ ऩय एऔ औ ं धे औ े साथ ओय दूसया रयफ क्षेत्र ऩय हॊना चाहहए, आखकय भें दॊनों औॊ ऩऔडऔय। गोमुखासन ककसे नहीं करना चाहहए • गुटने, औ ं धे ओय खदयन भें ददय से ऩीहडत लॊख। • ऩहली ततभाही औ े फाद खबयवती भहहला। 4. भुजंगासन (कोबरा पोज़)
  3. बुजंखासन मा औॊफया ऩॊज़ उन लॊखों औ े ललए एऔ उऩमुक्त मॊख व्यामाभ है जॊ प ै टी लीवय (मऔ ृ त) यॊखों से ऩीहडत हैं। इस आसन औॊ औयने से ऩूये शयीय भें खकिंचाव हॊता है, लजससे शयीय औ े बीतय अछधऔ यक्त प्रवाह हॊता है। बुजंखासन औयने औ े ललए व्यछक्त औॊ नीचे औी ऒय भुंह औयऔ े लेटना चाहहए। दाहहनी हथेली औॊ दाएं औ ं धे औ े फखल भें ओय फाईं हथेली औॊ फाईं ऒय यका जाना चाहहए। ऊऩयी शयीय ऩय वजन यकते रृए , छाती औॊ धीये-धीये ऊऩय उठामा जाना चाहहए, छत औी ऒय। भुजंगासन ककसे नहीं करना चाहहए • खबयवती भहहलाएं (वऔसी बी ऩरयस्तस्थतत भें) • हछनिमा से ऩीहडत लॊख • ऩीठ भें चॊट वाले लॊख 5. माजाधरसाना (क ै ट पोज़) भाजाययसाना औयने औा सफसे फडा लाब मह है वऔ मह लीवय (मऔ ृ त) औ े वऩत्त स्राव औा सभथयन औयता है। भाजाययसाना ऩेट ओय यीढ़ औी भाललश औयता है , जॊ शयीय औ े प्राथछभऔ क्षेत्र हैं जॊ लीवय (मऔ ृ त) औी यक्षा औयते हैं। मह मॊख आसन शयीय औी सभग्र भुद्रा भें बी सुधाय औयता है। भाजाययसाना औयने औ े ललए व्यछक्त औॊ टेफल औी तयह अऩनी ऩॊजीशन फनानी चाहहए। हाथों औॊ हपय सीधे औ ं धों औ े नीचे ओय गुटनों औॊ औ ू ल्हों औ े नीचे यका जाना चाहहए। आसन औॊ सफसे ऩहले धीये-धीये छत औी ऒय भॊडने से ऩहले ऩीठ औॊ सीधा यकते रृए वऔमा जाना चाहहए। माजाधरसाना ककसे नहीं करना चाहहए • खदयन औी चॊट वाले लॊख • गुटने औ े ददय से ऩीहडत लॊख • खबयवती भहहलाएं 6. र्नुरासन (बाउ पोज़)
  4. इसे फॊ ऩॊज़ औ े नाभ से बी जाना जाता है। मह एऔ ऐसा आसन है जॊ प ै टी लीवय (मऔ ृ त) औी फीभायी से ऩीहडत लॊखों औ े ललए अद्भु त औाभ औयता है। मह लीवय (मऔ ृ त) औॊ उत्तेलजत औयता है, भजफूत औयता है ओय प ै लाता है, ओय इसभें जभा वसा औॊ शयीय औ े ललए ऊजाय स्रॊत औ े रूऩ भें उऩमॊख वऔमा जाता है। सफसे ऩहले , अऩने ऩेट औ े फल लेट जाएं ओय उसी सभम अऩने ऩैयों ओय धड औॊ ऊऩय उठाएं। अखला , अऩने हाथों से अऩने टकनों औॊ ऩऔडें , लजससे आऩऔा शयीय धनुष औी तयह अऩने फाजुऒं औ े साथ धनुष औी तयह हदकाई दे। जफ तऔ आऩ औय सऔते हैं तफ तऔ आऩऔॊ इस भुद्रा भें यहना चाहहए। अऩनी आयाभ औी स्तस्थतत ऩय वाऩस लोटें ओय लजतनी फाय आऩ औय सऔते हैं व्यामाभ औॊ दॊहयाएं। र्नुरासन ककसे नहीं करना चाहहए • उच्च मा छनम्न यक्तचाऩ वाले लॊख • ऩीठ औ े छनचले हहस्से भें ददय वाले लॊख • खबयवती भहहलाएं 7. नौकासन (बोट पोज़) मह एऔ ओय भुद्रा है लजसे नाव भुद्रा औ े रूऩ भें जाना जाता है , ओय मह लीवय (मऔ ृ त) औी स्तस्थतत औा इलाज औयने भें भदद औयने औ े ललए एऔ सयल अबी तऔ प्रबावी आसन है। इस अभ्यास औॊ औयने से , आऩ अऩने लीवय (मऔ ृ त) औी उत्तेजना ओय भजफूती भें भदद औयते हैं , लजससे मह आऩऔ े शयीय औ े सबी हाछनऔायऔ ववषाक्त ऩदाथों औॊ साप औय सऔता है। फॊट ऩॊज़ औयने औ े ललए आऩ अऩनी ऩीठ औ े फल लेटऔय इस आसन औॊ औय सऔते हैं। अऩने शयीय औ े ऊऩयी ओय छनचले दॊनों हहस्सों औॊ उठाएाँ , लजससे आऩऔा शयीय आऩऔ े छनतंफों ऩय वटऔा यहे। मथासंबव इस भुद्रा भें फने यहें। आयाभ औी स्तस्थतत भें लोटें ओय इसे दॊहयाएं। नौकासना ककसे नहीं करना चाहहए • अखय आऩऔॊ खदयन भें चॊट है, • ऩेट औी चॊट / हाल औी सजययी • हृदम औी सभस्याएं
  5. अन्य योग हैं कक आप अपने लीवर (यक ृ ि) की मदद करने का अभ्यास कर सकिे हैं: • भेरु वक्रासन - स्पाइनल विस्ट ऩॊज़ • बूनभनासन - स्पाइनल विस्ट प्रॊस्ट्रेशन ऩॊज़ • उत्थित हस्त भेरुदंडासन - याइज़ड हैंड एंड स्पाइन ऩॊज़ • भेरुदंडासन - स्पाइनल औॉलभ ऩॊज • सुप्त भत्स्येन्द्रासन - सुवऩन स्पाइनल विस्ट ऩॊज़ • ऩादंखुष्ठासन - हैंड टू टॊ ऩॊज़ ववभबन्न मॊख अभ्यासों मा ऩॊज़ औा अभ्यास औयऔ े , आऩ अऩने लीवय (मऔ ृ त) औॊ सुधाय सऔते हैं ओय फनाए यक सऔते हैं तावऔ मह ठीऔ से औाभ औये ओय स्वस्थ यहे। मॊख इस भहत्वऩूणय अंख औॊ उत्तेलजत औयने ओय इसे भहत्वऩूणय फनाने औ े ललए एऔ शानदाय तयीऔा है। जफ आऩ अऩने लीवय (मऔ ृ त) औी भदद औयने औ े ललए मॊख अभ्यास औय यहे हैं, तॊ हभेशा माद यकें वऔ अऩनी श्वास ऩय ध्यान दें। अऩने शयीय से सबी अशुछिमों औॊ फाहय छनऔालने औ े ललए व्यामाभ औ े फाद बी आऩऔॊ कूफ ऩानी ऩीना चाहहए। मॊख व्यामाभ औयने औ े अलावा, आऩऔॊ एऔ स्वस्थ, संतुललत आहाय औी आवश्यऔता हॊती है। महााँ आऩऔ े लीवय (मऔ ृ त) औॊ लाब औ े ललए औ ु छ आहाय मुछक्तमााँ दी खई हैं: 1. शयाफ ऩीने से फचें। 2. चाम ओय औॉपी जैसे ऩेम से फचें। 3. तले रृए काद्य ऩदाथों से फचें। 4. ऩरयष्क ृ त हॊने वाली शक्कय से फचें, जैसे जाभ, औ ृ त्रत्रभ छभठास, आहद। 5. आऩऔ े द्वाया तैमाय वऔए खए व्यंजनों भें सौंप, जीया ओय अदयऔ औा उऩमॊख फढ़ाएं। 6. अछधऔ नींफू, अनाय, अंजीय ओय आलूफुकाया काएं। 7. यॊजाना 8 छखलास ऩानी ऩीएं। 8. जफ तऔ बूक न हॊ, तफ तऔ न काएं। 9. हभेशा वही काना काएं जॊ ताजा ऩऔा हॊ। 10. ववटाछभन सी औ े अऩने सेवन औॊ फढ़ाएं क्योंवऔ मह एऔ शछक्तशाली एंटीऑक्सक्सडेंट है जॊ मऔ ृ त ओय औॊलशऔाऒं भें ववषाक्त ऩदाथों से हॊने वाले नुऔसान औॊ औभ औयने भें भदद औयता है। 11. हय हदन औ ु छ औऩ डंडेललमन ओय ग्रीन टी वऩमें। ननष्कर्ध: ऊऩय सूचीफि मॊख आसन लीवय (मऔ ृ त) औॊ शुि औयने औ े ललए सफसे अच्छे प्राऔ ृ ततऔ तयीऔों भें से एऔ हैं। हपय बी, मह लसपारयश औी जाती है वऔ व्यछक्त औॊ स्वस्थ आहाय ओय भध्यभ सवक्रम जीवनशैली अऩनानी चाहहए जॊ लीवय (मऔ ृ त) सहहत सबी आंतरयऔ अंखों औी जीवन शछक्त औॊ फढ़ावा दे सऔता है। कूफ ऩानी ऩीने से ववषाक्त ऩदाथों औॊ शयीय से फाहय छनऔालने भें बी भदद छभल सऔती है।
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