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10/23/2015 Sant Kabir Das Life Essayin HIndi संत कबीर दास जीवनी
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  1. 1. 10/23/2015 Sant Kabir Das Life Essayin HIndi संत कबीर दास जीवनी http://www.achhikhabar.com/2013/06/23/sant-kabir-das-life-essay-jayanti-in-hindi/ 1/11 21 14 जन खोजा ितन पाइया, गहरेपानी पैठ, म बपुरा बूडन डरा, रहा कनारेबैठ। संत कबीर दास JUNE 23, 2013 BY GOPAL MISHRA — 55 COMMENTS कबीर एक ऐसी श शयत जसनेकभी शा नह पढा फर भी ािनय क ेणींम सव पर । कबीर, एक ऐसा नाम जसेफक र भी कह सकतेह और समाज सुधारक भी । िम , कबीर भले ह छोटा सा एक नाम हो पर येभारत क वो आ मा हैजसने ढय और कमकाड सेमु भारत क रचना क है। कबीर वो पहचान है ज होने, जाित-वग क दवार को िगराकर एक अ ुत संसार क क पना क । मानवतावाद यवहा रक धम को बढावा देनेवालेकबीर दास जी का RECENT POSTS दशहरा पव क शुभकामनाएंHappy Dussehra माक जकरबग केअनमोल वचार Mark Zuckerberg Quotes in Hindi डॉ. अ दुल कलाम केजीवन के10 ेरक संग “टाइम ह नह ंिमलता…” कहना छोड ! खोज HOME HINDI QUOTES HINDI STORIES HINDI ESSAYS SELF IMPROVEMENT ALL POSTS ADVERTISE ABOUT ME Start Download Convert Any File to a PDF. Get the Free From Doc to Pdf App! 320Like ► Essays hindi ► Hindi status ► Hindi speech Google ारा व ापन Top
  2. 2. 10/23/2015 Sant Kabir Das Life Essayin HIndi संत कबीर दास जीवनी http://www.achhikhabar.com/2013/06/23/sant-kabir-das-life-essay-jayanti-in-hindi/ 2/11 इस दुिनया म वेश भी अदभुत संग केसाथ हुआ।माना जाता हैक उनका ज म सन ्1398 म येपूणमा केदन वाराणसी केिनकट लहराता नामक थान पर हुआ था ।उस दन नीमा नी संग याह कर डोली म बनारस जा रह थीं, बनारस केपास एक सरोवर पर कुछ व ाम केिलयेवो लोग केथे। अचानक नीमा को कसी ब चेके रोनेक आवाज आई वो आवाज क दशा म आगेबढ । नीमा ने सरोवर म देखा क एक बालक कमल पुप म िलपटा हुआ रो रहा है। िनमा नेजैसेह ब चा गोद म िलया वो चुप हो गया। नी नेउसेसाथ घर लेचलनेको कहा क तुनीमा केमन म ये उठा क प रजन को या जवाब दगे। पर तुब चेकेपश सेधम, अथात कत य बोध जीता और ब चेपर गहराया संकट टल गया। ब चा बकर का दूध पी कर बङा हुआ। छः माह का समय बीतनेकेबाद ब चेका नामकरण संकार हुआ। नी नेब चेका नाम कबीर रखा क तुकई लोग को इस नाम पर एतराज था य क उनका कहना था क, कबीर का मतलब होता हैमहान तो एक जुलाहेका बेटा महान कैसेहो सकता है? नी पर इसका कोई असर न हुआ और ब चेका नाम कबीर ह रहनेदया। येकहना अित यो न होगी क अनजानेम ह सह बचपन म दया नाम बालक केबङेहोनेपर साथक हो गया। ब चेक कलका रयाँनी और नीमा केमन को मोह लेतीं। अभाव केबावजूद नी और नीमा बहुत खुशी-खुशी जीवन यापन करनेलगे। कबीर को बचपन सेह साधुसंगित बहुत य थी। कपङा बुननेका पैतृक यवसाय वो आजीवन करतेरहे। बा आड बर केवरोधी कबीर िनराकार क उपासना पर जोर देतेह। बा यकाल सेह कबीर केचम का रक य व क आभा हर तरफ फैलनेलगी थी। कहतेह- उनकेबालपन म काशी म एकबार जलन रोग फैल गया था। उ होनेरा तेसेगुजर रह बुढ म हला क देह पर धूल डालकर उसक जलन दूर कर द थी। कबीर का बचपन बहुत सी जङताओंएवंढ य सेजूझतेहुए बीत रहा था। उस दौरान येसोच बल थी क इंसान अमीर हैतो अ छा है। बङे रसूख वाला हैतो बेहतर है। कोई गर ब हैतो उसेइंसान ह न माना जाये। आदमी और आदमी केबीच फक साफ नजर आता था। कानून और धम क आङ म रसूख ारा गर ब एवंिन नजाती केलोग का शोषण होता था। वेसदैव सामा जक कुर ितय केव थेऔर इसे कैसेदूर कया जायेइसी वचार म रहतेथे। चम कार ताबीज Hindi Story Nawazuddin Siddiqui – वाचमैन सेबॉलीवुड टार बननेक कहानी ! सफलता क कोई उ नह ंहोती ! असहयोग आ दोलन केणेता महा मा गाँधी आयुवद पर कथन Quotes on Ayurveda in Hindi Sandeep Maheshwari- ये इंसान आपक ज़ दगी बदल सकता है! FEATURED POSTS कैसेसीख अंेजी बोलना ? 12 Ideas Pleasant Personality Develop करने के10 Tips 10 मो टवेशनल कताब जो आपको ज़ र पढ़नी चा हएं सफलता का रह य Self- confidence बढानेके10 तर के 25 Tips To Lose Weight in Hindi कैसे तेजी सेघटाएं
  3. 3. 10/23/2015 Sant Kabir Das Life Essayin HIndi संत कबीर दास जीवनी http://www.achhikhabar.com/2013/06/23/sant-kabir-das-life-essay-jayanti-in-hindi/ 3/11 एक बार कसी नेबताया क संत रामानंद वामी नेसामा जक कुर ितय केखलाफ लङाई छेङ रखी है। कबीर उनसेिमलनेिनकल पङेक तुउनकेआ म पहुँचकर पता चला क वेमुसलमान सेनह िमलते। कबीर नेहार नह मानी और पंचगंगा घाट पर रात केअंितम पहर पर पहुँच गयेऔर सीढ पर लेट गये। उ हेपता था क संत रामानंद ातः गंगा नान को आतेह। ातः जब वामी जी जैसेह नान केिलयेसीढ उतर रहेथेउनका पैर कबीर केसीनेसेटकरा गया। राम-राम कहकर वामी जी अपना पैर पीछेखींच िलयेतब कबीर खङेहोकर उ हेणाम कये। संत नेपूछा आप कौन? कबीर ने उ र दया आपका िश य कबीर। संत नेपुनः कया क मैनेकब िश य बनाया? कबीर नेवन ता सेउ र दया क अभी-अभी जब आपनेराम-राम कहा मैनेउसेअपना गुमं बना िलया। संत रामदास कबीर क वन ता सेबहुत भा वत हुए और उ हेअपना िश य बना िलये। कबीर को वामी जी नेसभी संकार का बोध कराया और ान क गंगा म डुबक लगवा द । कबीर पर गुका रंग इस तरह चढा क उ होनेगुकेस मान म कहा है, सब धरती कागज क , लेखनी सब वनराज। सात समुंक मिस क , गुगुंण िलखा न जाए।। यह तन वष क बेलर , गुअमृत क खान। शीश दयो जो गुिमले, तो भी स ता जान।। येकहना अित यो नह हैक जीवन म गुकेमह व का वणन कबीर दास जी नेअपनेदोह म पूर आ मयता सेकया है। कबीर मुसलमान होतेहुए भी कभी मांस को हाँथ नह लगाया । कबीर जाँित- पाँित और ऊँच-नीच केबंधनो सेपरेफ कङ, अलम त और ांितदश थे। उ होनेरमता जोगी और बहता पानी क क पना को साकार कया। कबीर का य व अनुकरणीय है। वेहर तरह क कुर ितय का वरोध करतेह। वेसाधु-संतो और सूफ -फक र क संगत तो करतेह लेकन धम केठेकेदार सेदूर रहतेह। उनका कहना हैक- तेजी सेघटाएं अपना वज़न ? BEST OF ACHHIKHABAR.COM तीन कहािनयाँ- जो बदल सकती ह आपक जंदगी! 5 चीज जो आपको नह ंकरनी चा हए और य ? Self-con dence बढानेके10 तर के खुश रहनेवालेलोग क 7 आदत जेल सेिनकलना हैतो सुरंग बनाइये ! िनराशा सेिनकलनेऔर खुद को motivate करनेके16 तर के 7 Habits जो बना सकती ह आपको Super Successful कैसेसीख अंेजी बोलना ? 12 Ideas करोड़पित बनना हैतो नौकर छो डये……. कैसेडाल सुबह ज द उठनेक आदत Pleasant Personality Develop करनेके10 Tips य बच Facebook से? 7 reasons. सफलता केिलए ज़ र हैFocus ! र शेवालेका बेटा बना IAS o cer ! Law of Attraction – सोच बनती हैहक क़त जीवन म ल य का होना ज़ र य है? कैसेपाएंNegative Thoughts से छुटकारा ? दल क सुननेम आनेवाले7 challenges MTS OpenWeb Plans. Data plans to surf, call & chat Freely & fairly. Know More
  4. 4. 10/23/2015 Sant Kabir Das Life Essayin HIndi संत कबीर दास जीवनी http://www.achhikhabar.com/2013/06/23/sant-kabir-das-life-essay-jayanti-in-hindi/ 4/11 हंदूबरत एकादशी साधेदूध िसंघाङा सेती। अ न को यागेमन को न हटकेपारण करेसगौती।। दन को रोजा रहत है, राित हनत हैगाय। यहांखून वैवंदगी, य कर खुशी खोदाय।। जीव हंसा न करनेऔर मांसाहार केपीछेकबीर का तक बहुत मह वपूण है। वेमानतेह क दया, हंसा और ेम का माग एक है। य द हम कसी भी तरह क तृणांऔर लालसा पूर करनेकेिलये हंसा करगेतो, घृणांऔर हंसा का ह ज म होगा। बेजुबान जानवर के ित या मानव का शोषण करनेवालेय कबीर केिलयेसदैव िनंदनीय थे। कबीर सांसा रक ज मेवा रय सेकभी दूर नह हुए। उनक प ी का नाम लोई था, पुकमाल और पुी कमाली। वेपा रवा रक र त को भी भलीभाँित िनभाए। जीवन-यापन हेतुताउ अपना पैतृक काय अथात जुलाहेका काम करतेरहे। कबीर घुम ङ संत थेअतः उनक भाषा सधुकङ कहलाती है। कबीर क वांणी बहुरंगी है। कबीर नेकसी थ क रचना नह क । अपने को क व घो षत करना उनका उ ेय भी न था। उनक मृयुकेप ात उनकेिश य नेउनकेउपदेश का संकलन कया जो ‘बीजक’ नाम से जाना जाता है। इस थ केतीन भाग ह, ‘साखी’, ‘सबद’ और ‘रमैनी’। कबीर केउपदेश म जीवन क दाशिनकता क झलक दखती है। गु- म हमा, ई र म हमा, सतसंग म हमा और माया का फेर आ द का सुदर वणन िमलता है। उनकेका य म यमक, उ ेा, पक, अनुास आ द अलंकार का सुदर समावेश दखता है। भाषा म सभी आव यक सूहोनेकेकारण हजार साद द वेद कबीर को “भाषा का ड टेटर” कहतेह। कबीर का मूल मंथा, “म कहता आँखन देखी, तूकहता कागद क लेखन”। कबीर क सा खय म स चेगुका ान िमलता है। संेप म कहा जा सकता हैक कबीर केका य का सवािधक मह व धािमक एवं सामा जक एकता और भ का संदेश देनेम है। कबीर दास जी का अवसान भी ज म क तरह रह यवाद है। आजीवन काशी म रहनेकेबावजूद अ त समय सन ्1518 केकर ब कैसेरखता हूँम खुद को Positive ? Job Interview म सफल होनेके 10 Tips कैसेजलायेरख अपनेअ दर क िचंगार को- Chetan Bhagat CATEGORIES Blogging (21) Health In Hindi (33) Health Articles In Hindi (33) Hindi Essay (67) हंद िनबंध (65) Hindi Quotes (171) Hindi Thoughts (167) अनमोल वचन (150) अनमोल वचार (152) Hindi Stories (213) Motivational Hindi Stories (208) िश ा द कहािनयाँ(212) Inspirational Hindi Speech (15) Inspiring Entrepreneurs (13) Mahatma Gandhi (3) Miscellaneous (26) Miscellaneous (64) Personal Development (131) Real Heroes (5) Self Improvement (137) Success (106) सफलता (13) swami vivekananda (3) Whatsapp Status in Hindi (166)
  5. 5. 10/23/2015 Sant Kabir Das Life Essayin HIndi संत कबीर दास जीवनी http://www.achhikhabar.com/2013/06/23/sant-kabir-das-life-essay-jayanti-in-hindi/ 5/11 मगहर चलेगयेथेय क वेकुछ ा तय को दूर करना चाहतेथे। काशी केिलयेकहा जाता था क यहाँपर मरनेसेवग िमलता है तथा मगहर म मृयुपर नरक। उनक मृयुकेप ात ह दुअपने धम केअनुसार उनका अंितम संकार करना चाहतेथेऔर मुसलमान अपनेधमानुसार ववाद क थती म एक अजीब घटना घट उनकेपािथव शर र पर सेचादर हट गई और वहाँकुछ फूल पङेथे जसेदोन समुदाय नेआपस म बाँट िलया। कबीर क अहिमयत और उनकेमह व को जायसी नेअपनी रचना म बहुत ह आतिमयता सेप रला त कया है। ना नारद तब रोई पुकारा एक जुलाहेसौ म हारा। ेम त तुिनत ताना तनाई, जप तप सािध सैकरा भराई।। िम , येकहना अित यो न होगी क कबीर विच नह ंह सामा य ह क तुइसी साघारणपन म अित विश ह। ह द सा ह य के इितहास म कबीर जैसा य व कोई नह है। अिनता शमा E-mail ID:  voiceforblind@gmail.com ——–कबीर दास जी केदोहे—— —–राजा क पर ा | संत कबीर दास ेरक संग—– अिनता जी बािधत छा केिलए सराहनीय काय कर रह ह। उ ह नेअपनी आवाज़ म 100+ educational YouTube videos post कयेह, ज ह 200000 सेअिधक बार देखा जा चुका है। आप इनकेबारेम बताकर blind students क मदद कर सकते ह। सामा य व ाथ भी जो Bank या Civil Services क तैयार कर रहेह वो भी इन Audios का लाभ लेसकतेहै।You may visit her blog :http://roshansavera.blogspot.in/ We are grateful to Anita Ji for sharing this inspirational Hindi Essay on  Sant Kabir Das’s Life in Hindi . Thanks. Be the first of your friends to like this AchhiKhabar.Com 40,965 likes Like Page
  6. 6. 10/23/2015 Sant Kabir Das Life Essayin HIndi संत कबीर दास जीवनी http://www.achhikhabar.com/2013/06/23/sant-kabir-das-life-essay-jayanti-in-hindi/ 6/11 21 14 Type your email here... Sign Up Note: 23 June 2013 is being celebrated as Sant Kanbir Das Jayanti. अिनता जी केबारेम और अिधक जाननेकेिलए यहाँ लक कर या उनकेलॉग पर व जट कर. य द आपकेपास Hindi म कोई article, inspirational story या जानकार हैजो आप हमारेसाथ share करना चाहतेह तो कृपया उसेअपनी फोटो केसाथ E-mail कर. हमार Id है:achhikhabar@gmail.com.पसंद आनेपर हम उसेआपकेनाम और फोटो केसाथ यहाँPUBLISH करगे. Thanks! नयी पो ट ईमेल म ा करनेकेिलए Sign Up कर. Related Posts: 1. राजा क पर ा | संत कबीर दास ेरक संग 2. कबीर दास केदोहेPart 2 3. कबीर दास जी केदोहे ► Hindi speech ► Kabir das ► Best life quotes Google ारा व ापन 320Like आपकेवचार म होती है द य-श सफल और संतुजीवन के तीन तप Tulisdas Ke D Meaning in H तुलसीदास केद
  7. 7. 10/23/2015 Sant Kabir Das Life Essayin HIndi संत कबीर दास जीवनी http://www.achhikhabar.com/2013/06/23/sant-kabir-das-life-essay-jayanti-in-hindi/ 7/11 « आम का पेड़ कसान क घड़ » FILED UNDER: HINDI ESSAY, हंद िनबंध TAGGED WITH: ANITA SHARMA, SANT KABIR DAS, संत कबीर दास COMMENTS Mani Bajpai says October 13, 2015 at 10:30 pm The one who join Hindus and Muslim Reply Chauhan Achalsinh says September 5, 2015 at 11:13 pm Guru govind donun khade kake lagun pae;Balihari guru apki jo govind diya batae…. Reply Harshita Arora says June 28, 2015 at 8:41 pm I like the dohe of Saint kabir and I appreciate this Reply
  8. 8. 10/23/2015 Sant Kabir Das Life Essayin HIndi संत कबीर दास जीवनी http://www.achhikhabar.com/2013/06/23/sant-kabir-das-life-essay-jayanti-in-hindi/ 8/11 adarsh says June 27, 2015 at 1:31 pm kabeer ke katha aur pad sabse accha hai Reply Jitendra kumar says May 10, 2015 at 4:52 pm Kabir saheb ke doha me itna gaheri hai ko jitna bhitar jaoo uatana hi aarth nikalta, ….kahne ka matlab sagar ki gaherai ka pata lag sakta hai par kabir saheb ke doha ki gaherai pata nahi lag sakta. thanks Reply K.C.DILVER says June 2, 2015 at 3:55 pm SATGURU KABIR JI,,SATGURU RAVIDASS JI,,NE APNA POORA JEEVAN MANVATA MEIN PHAILE ANDHKAR,,JHOOTE ADAMBER,,,KHATAM KARNE MEIN LAGA DIYA..US YUG MEIN JAB CHARON AUR AGYANTA KA ANDHER THA…AUR AAJ ,,HUM LAGTA HAI KI PHIR ADAMBRON MEIN PHANS GAYE HAIN..AAYO MIL KAR AAJ SATGURU KABIR JI KE PARGAT DIWAS PAR YEH SANKALP LEIN,,KI HAM UN KO BATAYE HUYE RASTE PAR CHALEN..
  9. 9. 10/23/2015 Sant Kabir Das Life Essayin HIndi संत कबीर दास जीवनी http://www.achhikhabar.com/2013/06/23/sant-kabir-das-life-essay-jayanti-in-hindi/ 9/11 Reply zeenat baig says January 6, 2015 at 12:41 pm Kbeer was wondering man of India he most popular Indian man kbeer doha is very nice Reply Anonymous says November 27, 2014 at 11:39 pm sat sahib purn brhm kabir sahib ke bare me janna chahte hai to gyan ganga kitab pdhe ya satlok ashram barwala phuche kyunki purn prmatma kabir sahib ka hi swrup sant rampal ji maharaj is time is dharti pe aye huye hai or rhi baat is khani ki jo upr likhi hai use khani isiliye kha kyunki usme 80% apne aap se likhne wale ne likh diya (jise lokdant ktha khte hai) kabir sahib is duniya ki rchna krne wale hai jiska sabut humare pavitr granth, shastr etc. lr rhe hai, ANANT KOTI BRAMHAND KA EK RATI NHI BHAAR , SATGURU SATKABIR HAI KUL KE SHRIJANHAAR ab mai aapse kuch nhi kah sakta kyonki guru ji se mile isi waqt SAT SAHIB
  10. 10. 10/23/2015 Sant Kabir Das Life Essayin HIndi संत कबीर दास जीवनी http://www.achhikhabar.com/2013/06/23/sant-kabir-das-life-essay-jayanti-in-hindi/ 10/11 « Older Comments Reply sunil kumar says November 12, 2014 at 1:17 pm sant kabir sirf sant nahi vo to sakshat param pita parmeshwer hae jo is nashwan sansar ko sat marg dikha kar nij lok chle gaye puran bramh ki jai ho “sat saheb” Reply sai krishna says October 29, 2014 at 10:21 pm kabir das ne jo kuch bhi kaha mai usse prerit hun Reply satendra singh says September 21, 2014 at 9:00 pm Kabir das ki aatm katha amar rahegi Reply
  11. 11. 10/23/2015 Sant Kabir Das Life Essayin HIndi संत कबीर दास जीवनी http://www.achhikhabar.com/2013/06/23/sant-kabir-das-life-essay-jayanti-in-hindi/ 11/11 JOIN THE DISCUSSION! Please submit your comment with a real name. Name Email Website Comment Thanks for your feedback! Post Comment Copyright © 2015 - 2016 to AchhiKhabar.com Technically supported by: BccFalna.com

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