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  1. 1. समूह के सदस्य: •श्रेया •दृष्टि •वंदना •ड ंपी •योग्यता •दीपपका •सोननका •साहहबा •प्रनतमा
  2. 2. परिचय
  3. 3. उपयोग दुरूपयोग •जीवन को सहािा देना, •पवभिन्न गनतपवधियों के भिए पानी उपिब्ि किाना, •खेतों की भसंचाई •िाजनीनतक सीमाओं के ननिाािण औि देशों की िक्षा किने में महत्वपूणा •नौसंचािन • नदी के मोिे अवसादों का ननमााण में उपयोग ककया जाता है •क्षय व्यवस्था •बांि का पानी •दुरूपयोग तब होता है जब नहदयों से साफ पानी ननकािकि व्यथृ ष्स्तथी में िौिा हदया जाता है •खेतों में भसंचाई का पानी अक्सि िवण, कीिनाशकों आहद से दूपित होता है, जो जीव जंतुओं के भिए हाननकािक होता है •बाढ़ इमाितों औि फसिों को नटि कि सकती है
  4. 4. • सबसे िंबी नदी :- नील नदी 6650 किलोमीटर िी लंबाई िे साथ दुननया िी सबसे लंबी नदी मानी जानि है I • कम से कम नदी :- ग्रेट फॉल्स,मोंटाना में छोटी हहरन नदी िे वल 201 फीट लंबी है I छोटी हहरन नदी ने दुननया िी सबसे छोटी नदी िे रूप में गिनीज बुि में ववश्व ररिार्ड िायम किया है • गहिी नदी :- िांिो नदी ,अफ्रीिा में एि नदी है, यह 220 मीटर (720 फु ट) से अगिि मापा िहराई िे साथ दुननया िी सबसे िहरी नदी हैI नहदयों िे बारे में आश्चयडजनि िथ्य!
  5. 5. • सबसे तेज नदी :- बाढ़ चिण के दौिान दुननया में सबसे तेजी से बह िही नदी पैििसन न्यू जसी में पास्सैक है I पास्सैक नदी के ग्रेि फॉल्स जो कण्ठ के भसि पि एक अनत संकीणा कण्ठ में 77 फु ि धगि जाता है , नदी चैनि से 25-30 फु ि चौडी है I यह एक मानव ननभमात चैनि नहीं है, यह स्वािापवक है, ताकक बाढ़ के दौिान प्रवाह वेग सबसे तेज़ हो I • प्राचीनतम नदी :- क ं क नदी कें द्रीय ऑस्रेभिया में सबसे बडी नहदयों में से एक है I नदी िंबे समय पवशेि रूप से िूि ऑपिेििों द्वािा, औि िोकपप्रय ककताबें औि ब्रोशि में, "दुननया में सबसे पुिानी नदी" के रूप में उद्िृत की गयी है है I • पानी के नीचे नदी :- रियो भसक्रीिो, मेष्क्सको अपवश्वसनीय पानी के नीचे नदी है I यह एक पयािक आकिाण है I यह खननज के कािण गुफा गठन हो गयी है I यह सिी पयािकों के भिए एक जादुई अनुिव है I • सबसे सुंदि नदी :- उत्तिी कोिष्बबया में कै न्यो कृ स्िेल्स,अक्सि दुननया में सबसे सुंदि नदी मानी जानत है I
  6. 6. तत्रापश्यत िमाात्मा देव देवपिापूष्जतम निनािायण-स्थान िागीिथ्यों पशोभितम ्।। • आज के आिूननक युग की बात किे तो मनुटय जानत ने इन नहदयों को दूपित बना हदया है। जो नहदयााँ पपवत्रता के नाम से जानी जाती थी। उन्हीं नहदयों में कू डा-किकि ाि के उन्हे दूपित कि हदया। मनुटय उन नहदयों की पपवत्रता को िीिे-िीिे नटि किता जा िहा है। • मैं आज आपको (िागीिथी) गंगा नदी के बािे में बताना चाहती हूाँ। ष्जसको िोग आज िी एक पपवत्रता की देवी का दजाा देते हैं। उनकी िािणा यह है कक गंगा में स्नान किने से सािे पाप िुि जाते हैं। अथाडि- वहााँ एि िमाडत्मा ने देव और देवऋवियों द्वारा पूजजि भािीरथ,नदी िे समान शोभायमान नरनारायण स्थान िो देाा
  7. 7. िाधगिथी का अवतिण पुिोहहत के कु ि में बाहुक का जन्म हुआ I बडे होने पि शत्रुओ ने उसका िाज्य छीन भिया औि वह अपनी पष्त्न के साथ वन चिा गया I वन में बुढापे के कािण उसकी मृत्यु हो गयी I उसके गुरू ओवा ने उसकी पष्त्न को सनत नहीं होने हदया क्योंकक वह जानते थी कक वो गिावनत थी उसकी सौतों को जब ज्ञात हुआ तो उन्होने उसे पवि दे हदया I पवि का गिा पि कोई प्रिाव नहीं पडा I बािक पवि (गि) के साथ ही उत्पन्न हुआ,इसभिए 'स+गि = सगि' कहिाया। बडा हने पि उसका पववाह दो िाननयों से हुआ- 1 सुमनत- ष्जसके गिा से एक तुंबा ननका ष्जसके फिने पि साठ हज़ाि पुत्रों का जन्म हुआ। 2 कोभशनी- ष्जसका असमंजस नामक पुत्र हुआ।
  8. 8. सगि ने अश्वमेि यज्ञ ककया। इंद्र ने उसके यज्ञ का घोडा चुिाकि तपस्वी कपपि के पास िे जाकि खडा कि हदया। उिि सगि ने सुमनत के पुत्रों को घोडा ढूढने के भिए िेजा। िाजकु माि ने सब जगह घोडे को हि जगह देखा पि कही नहीं भमिा। पूवा-उत्ति हदशा में कपपि मुनी के पास घोडा देखकि उन्होने मुनी को ििा- बुिा कहा। फिस्वरूप इस सब से वे िस्म हो गए। कोभशनी के पुत्र का नाम असमंजस, तथा असमंजस के पुत्र का नाम अंशुमन था। असमंजस पूवा जन्म से योगभ्रटि हो गया था। उसकी स्मृनत खोई नहीं थी। एक बाि उसने बच्चों को सियु में ाि हदया। पपता ने रूटि होकि उसे त्याग हदया। उसने अपने योगबि से बच्चों को जीपवत कि हदया तथा स्वयं वन चिा गया। यह देखकि सबको बहुत पश्चाताप हुआ। िाजा सगि ने पौत्र अंशुमन को घोडा खोजने िेजा। वह ढूंढता-ढूंढता कपपि से प्रसन्न होकि उसे घोडादे हदया तथा कहा कक िस्म हुए चाचाओं का उद्िाि गंगाजि से होगा। अंशुमन ने जीवन पयात तपस्या की ककं तु ह गंगा को पृथ्वी पि नहीं िा पाया। तदनंति उसके पुत्र हदिीप ने िी असफि तपस्या की। हदिीप के पुत्र िागीिथी के तप से प्रसन्न होकि गंगा के वेग को भशव ने अपनी जिाओं से संिािा। िागीिथ के पीछे-पीछे चिकि गंगा समुद्र तक पहुाँची। िागीिथ के द्वािा गंगा को पृथ्वी पि िाने का कािण यह िागीिथी कहिाई।
  9. 9. नदी नदी ननिलिी है पवडि से, मैदानों में बहिी है I और अंि में ममल सािर से, एि िहानी िहिी है I बचपन में छोटी थी पर मैं, बडे वेि से बहिी थी I आाँिी-िूफान, बाढ़-बवंर्र, सब िु छ हाँसिर सहिी थी I मैदानों में आिर मैने, सेवा िा संिल्प मलया I और बना जैसे भी मुझसे, मानव िा उपिार किया I अंि समय में बचा शेि जो, सािर िो उपहार हदया I सब िु छ अवपडि िरिे अपने, जीवन िो सािार किया I बच्चों मशक्षा लेिर मुझसे, मेरे जैसे हो जाओ I सेवा और समपडण से िुम, जीवन बगिया महिाओ I
  10. 10. यमुना की आत्मकथा मैं यमुना हूं I हहमालय िी िोद में जन्मी, मैं ममलने चली हूाँ सािर से I मैं भारि िे स्वर्णडम ववरासि िा हहस्सा हूाँ I स्पष्ट और शुद्ि मैं ्रववाह होिी हूाँ देिे हुए जीवन िा आसरा I सुनेहरी वाहदयों और ाुले मैदानों िे बीच से सभी िा प्यार समेटिे हुए बहिी हूाँ I सहदयों से ऋवि- मुननयों ने अपनी पववत्रिा दशाडिे हुए मुझमें ्रवक्षालन किया है I देाो आज क्या दशा है मेरी ! मानो मेरा दूविि नीर मुझमें बसे जीवन िा ववनाश िर रहा हो I ऐसा ्रविीि होिा है जैसे मैं मात्र अपवाहहिा बनिे रह िई हूाँ I मैं हैरान हूाँ िुम्हारी छोटी सोच पे,िुम्हारे अज्ञानी मन और मनोभाव से…मसर्फड कििाबी ग्यान िुम्हे ववद्वान नहीं बनािा- देाो अपने पयाडवरण िो- जािो और चेिना फै लाओ I लौटादो मेरा सुनेहरा पानी, बहने दो मुझे उसी िनि से, सुनो मेरी आवाज़ और पूरी िरो मेरी लालसा I मुझे एि िंदे अपवाहहिा िी िरह नहीं मरना है; मुझे एि बार कफर से अपने िौरवशाली अिीि िा ्रवनिननगित्व िरना है I
  11. 11. ्रविृ नि िा ्रविोप…उत्तराांर् में ्रवलय • जून 2013 में, उत्तर भारि में भारी बाररश िे िारण हहमाचल ्रवदेश और उत्तरााण्र् में बाढ़ और भूस्ालन िी जस्थनि पैदा हो ियी इससे ्रवभाववि अन्य राज्य हररयाणा, हदल्ली और उत्तर ्रवदेश हैं बाढ़ िे िारण जान-माल िा भारी नुिसान हुआ और बहुि से लोि बाढ़ में बह िए…हजारों लोि बेघर हो िये 24 जून 2013 िे अनुसार इस भयानि आपदा में 5000 से ज्यादा लोि मारे जा चुिे हैं • कु दरि िा कहर सबसे ज़्यादा पहाडी राज्यों उत्तराांर् और हहमाचल ्रवदेश में बरपा हुआ सबसे ज़्यादा िबाही रूद्र्रवयाि जज़ले में जस्थि मशव िी निरी िे दारनाथ में हुई िे दारनाथ मंहदर िा मुख्य हहस्सा और सहदयों पुराना िुंबद िो सुरक्षक्षि है लेकिन ्रववेश द्वार और आस-पास िे सारे इलाके या िो बह िए हैं या पूरी िरह िबाह हो िए हैं
  12. 12. • उत्तराांर् िे िे दारनाथ, रामबाडा, सोन्रवयाि, चंद्रापुरी और िौरीिुं र् में भारी नुिसान हुआ है िु माऊाँ मंर्ल में वपथौरािढ़ जज़ला सबसे ज़्यादा ्रवभाववि हुआ है सैिडों िााँव वाढ में बह िए हैं उत्तराांर् में हुयी बाररश िा असर उत्तर्रवदेश िे सहारनपुर में भी पडा जहां से 15 से ज्यादा लोिों िे मारे जाने िी ख़बर है • सेना, आईटीबीपी, बीएसएफ, एनर्ीआरएफ, लोि ननमाडण ववभाि और स्थानीय ्रवशासन बचाव िायड िे मलए ममलिर एि साथ िाम किया िई हजार सैननिों िो बचाव अमभयान िे मलए िैनाि किया िया • लोिों िो बचाने िे मलए हेलीिाप्टर िा ्रवयोि किया िया, लेकिन पहाडी इलािे होने िे िारण भारी िोहरे और बाररश िे बीच उनिे मलए िायड िरना बेहद चुनौिी भरा िायड था 10,000 से अगिि सैननिों और भारिीय वायुसेना िे िई ववमानों िी मदद से जस्थनि पर ननयंत्रण पाने िा ्रवयास किया िया
  13. 13. • यमुना बचाओ आंदोलन पररयोजना यमुना िे ्रवदूिण िो रोिने िे मलए िैयार िी िई है I हररयाणा में 12 शहरों िो नदी िे ्रवदूिण िे मलए पहचाना िया है I यह पररयोजना 211 िरोड िी है व जापान भी हमारी सहायिा िर रहा है I • आंदोलन िे िहि ननम्न िायड शुरू हो िए हैं- • लिभि 15 किमी लंबी सीवर ट्रंि लाइन यमुनानिर और जिािरी शहरों में बबछाई िई है I विडमान में सीवर लाइन िु रुक्षेत्र,सहारनपुर रोर् पर भी बबछाई जाएिी I • िीन मुख्य पंवपंि स्टेशन हैं जजनमें से एि िा जीणोद्िार किया िया है जो जमुना िली में है सभी िीन पजम्पंि स्टेशनों िा िमीशन किया िया है • िीन लिडी आिाररि शमशान भूमम िैं प क्षेत्र, सब्जी मंर्ी और बुररया िेट,जिािरी में पूरे किए िए हैं I ये ्रवबंिन िे मलए ननजी संस्था िो सौंप हदए िए हैं I • वनीिरण िायड ्रविनि पर है I • जािरूििा िे मलए झुग्िी क्षेत्रों में सावडजननि स्वास्थ्य सुवविाओं िे साथ चार (20 ​​सीटर ) फ्लश शौचालयों िा चांदपुर , िैं प क्षेत्र, सब्जी बाजार और आजाद निर में ननमाडण किया िया है I • इस निगथ िि 2239 लाा रुपये पररयोजना पर ाचड किए िए हैं I
  14. 14. नई हदल्ली: यमुना मुजक्ि यात्रा िे दबाव में आर्ारिार सरिार ने यमुना िे समानांिर िंदे पानी िे मलए अलि से नाला बनाने िी मांि मान ली है आंदोलनिाररयों िे साथ ममलिर इसिी ववस्िृि योजना अिले दो महीने में िैयार िर ली जाएिी साथ ही सरिार ने हगथनीिुं र् बैराज से छोडे जा रहे पानी िो भी बढ़ाने िा भरोसा हदया है हालांकि अंनिम ्रवस्िाव िे मलए आंदोलनिाररयों से एि हदन िा और समय और मांिा िया है, जजस पर वे िैयार हो िए हैं िें द्रीय पयाडवरण मंत्री जयंिी नटराजन और जल संसािन मंत्री हरीश रावि अंनिम ्रवस्िाव िे साथ मंिलवार िो आंदोलनिाररयों िे पास ाुद पहुंचेंिे राज्य सरिारों से संपिड िरने िे बाद मलर्ाि रूप में सरिारी ्रवस्िाव िैयार िरने िे मलए उन्होंने दोपहर 3:00 बजे िि िा समय मांिा है माना जा रहा है कि आंदोलनिाररयों िो मनाने िा नया फामूडलासं्रवि अध्यक्ष सोननया िांिी िी सहमनि से िैयार हुआ है सोमवार देर राि हरीश रावि और जयंिी नटराजन ने यमुना मुजक्ििरण यात्रा िे नेिाओं से लंबी मुलािाि िी इस दौरान उन्हें िहा िया कि िें द्र सरिार यमुना िे समांिर नाला बनाने िी उनिी मांि िो मानने िे मलए िैयार है इस नाले िा ्रवारूप बनाने वाली सममनि में ििनीिी ववशेिज्ञों और पयाडवरणववदों िे साथ यमुना रक्षि दल िे दो ्रवनिननगि भी शाममल किए जाएंिे यह अपना पूरा ्रवस्िाव दो महीने िे अंदर िैयार िर लेिी हररयाणा िे हगथनीिुं र् बैराज से यमुना में छोडा जाने वाला पानी बढ़ाने िी मांि पर फै सला मंिलवार िो हररयाणा सरिार िे साथ बािचीि िे बाद ही हो सिे िा बैठि में यमुना रक्षि दल िे अध्यक्ष जय िृ ष्ण दास, संरक्षि स्वामी नारायण दास और पंिज बाबा सहहि आिा दजडन लोि शाममल थे इससे पहले रावि ने हदल्ली, हररयाणा और उत्तर ्रवदेश िे जल संसािन मंत्रालय िे ्रवनिननगियों िे साथ बैठि भी िी यह बैठि मंिलवार िो भी जारी रहेिी सरिार िे ्रवस्िावों पर आंदोलनिाररयों ने अंनिम फै सला नहीं किया है दल िे अध्यक्ष जयिृ ष्ण दास ने िहा कि सरिार अिर मंिलवार दोपहर िि हमारी दोनों ्रवमुा मांिें नहीं मानिी है िो हम संसद माचड शुरू िर देंिे इसी िरह दल िे संरक्षि स्वामी नारायण दास ने िहा कि यमुना िे मलए अिर सरिार जरूरी िदम उठािी है िो यात्रा िो समाप्ि िरने पर ववचार किया जा सििा है
  15. 15. िहहमन पानी िाखखए, बबन पानी सब सून। पानी गए ना उबेि; मोती, मानुि चून।।
  • ProfIshwarChaudhari

    Sep. 17, 2017

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